हर बार ब्राउज़र में ऊपर बने बक्से में chitthajagat.in लिख कर चिट्ठाजगत तक पहुँचा तो जा सकता है, पर अगर उससे आसान तरीका हो तो क्यों न अपनाया जाए। पन्द्रह अक्षर लिखने के बजाय अगर एक चटके से काम चला सकते हैं तो क्यों न किया जाए? आइए देखते हैं कि यह कैसे किया जा सकता है।
नीचे चार ब्राउज़रों में चिट्ठाजगत का पुस्तकचिह्न बनाने की विधि दी गई है, अपनी पसन्द के ब्राउज़र की विधि अपनाएँ, ताकि बस एक चटके से अपने पसन्दीदा ताज़े चिट्ठों तक पहुँच सकें।
इण्टर्नेट ऍक्स्प्लोरर
पहले देखते हैं इण्टर्नेट ऍक्स्प्लोरर में यह कैसे करेंगे। हर विण्डोज़ मशीन में इण्टर्नेट ऐक्स्प्लोरर पहले से ही होता है।
सबसे पहले चिट्ठाजगत का स्थल इण्टर्नेट ऍक्स्प्लोरर में खोलें।
उसके बाद, पसंद में जा के पसंद में जोड़ें... चुनें।

अगर आपके पास अंग्रेज़ी वाला इण्टर्नेट ऍक्स्प्लोरर है, तो यह फ़ेवरिट्स -> ऐड टु फ़ेवरिट्स... होगा।
इसके बाद, अगली खिड़की में "लिंक्स" के अन्दर इसे जोड़ दें।

यहाँ ओके दबाते ही आपको इण्टर्नेट ऍक्स्प्लोरर के "लिंक्स" के तहत "चिट्ठाजगत" दिख जाएगा।
यदि आपको यह नहीं दिख रहा हो, तो आप लिंक्स प्रदर्शित करने के लिए दृश्य -> उपकरण पट्टियाँ -> लिंक्स पर सही का निशान लगा दें। दिखने लगेगा। अंग्रेज़ी वाले ब्राउज़र में यह व्यू -> टूलबार्स -> लिंक्स में मिलेगा।

बस, अब आपको इण्टर्नेट ऍक्स्प्लोरर में सामने सामने चिट्ठाजगत की कुञ्जी दिखेगी, जिसे आप जब चाहें चटका के चिट्ठाजगत तक पहुँच सकते हैं। पन्द्रह अक्षर लिखने की बचत।

फ़ायर्फ़ाक्स
फ़ायर्फ़ाक्स एक अच्छा, तेज़ ब्राउज़र है जो विण्डोज़ और लिनक्स दोनों पर उपलब्ध है। यदि आप फ़ायर्फ़ाक्स उतारना चाहें तो http://firefox.com से यह निःशुल्क उपलब्ध है।
अगर आप फ़ायर्फ़ाक्स का इस्तेमाल करते हैं, तो चिट्ठाजगत का पृष्ठ खोलने के बाद कंट्रोल-डी दबाएँ, और "बुकमार्क्स टूलबार" नामक फ़ोल्डर में सँजोएँ।

चिट्ठाजगत की कुञ्जी आपको फ़ायर्फ़ाक्स में भी दिखने लगेगी।

सफ़ारी
सफ़ारी नामक ब्राउज़र भी निःशुल्क उपलब्ध है। यह विण्डोज़ और सेब दोनों के लिए उतारा जा सकता है। इसे आजमाने और उतारने के लिए आप http://apple.com/safari पर जा सकते हैं। यदि आप सफ़ारी का इस्तेमाल करते हैं, तो पुस्तकचिह्न बनाने के लिए,
चिट्ठाजगत का स्थल सफ़ारी में खोलें,
उसके बाद, बुकमार्क्स -> ऍड बुकमार्क पर जाएँ,

और बुकमार्क्स बार में इसे सँजो लें।

ऐसा करते ही, सफ़ारी में भी आपको चिट्ठाजगत की कुञ्जी सामने दिखने लगेगी।

अब आप इस पर चटका लगा के सीधे चिट्ठाजगत पर पहुँच सकते हैं, हर बार chitthajagat.in लिखने की ज़रूरत नहीं।
ऑपेरा
ऑपेरा नामक ब्राउज़र भी निःशुल्क उपलब्ध है। इसे आजमाने और उतारने के लिए आप http://in.opera.com/download पर जा सकते हैं – जी हाँ, इसका स्थल भी हिन्दी में है, और यह विण्डोज़, लिनक्स तथा सेब – तीनों के लिए उपलब्ध है। यदि आप ऑपेरा का इस्तेमाल करते हैं, तो
चिट्ठाजगत का स्थल ऑपेरा में खोलने के बाद,
बुकमार्क्स -> बुकमार्क पेज... पर जाएँ।

फिर, इसे जोड़ दें।

जोड़ते ही, चिट्ठाजगत की कुञ्जी आपके ब्राउज़र में सामने ही आ जाएगी।

बस अब बार बार chitthajagat.in लिखने की ज़रूरत नहीं। पुस्तकचिह्न में से चिट्ठाजगत को चुन लें और धड़ाधड़ छपती प्रविष्टियों का आनन्द लें।
आशा है इस लेख के जरिए आपको चिट्ठाजगत तक और तेज़ी से पहुँचने में आसानी होगी। यदि ऊपर दिए कदमों में कोई समस्या आए तो कृपया इस लेख पर टिप्पणी करें।
इसके अलावा, यदि चिट्ठाजगत से सम्बन्धित कोई और सुझाव हो तो भी टिप्पणी करें।