शनिवार, 8 सितम्बर 2007

[सूचना] नई सुविधा - धड़ाधड़ महाराज पर पाँच नए धमाल मचाते चिट्ठे

चिट्ठाजगत-संकलक के मुख पृष्ठ पर अब आपको इस तरह की कुछ धमाली तस्वीरें दिखेंगी -

धड़ाधड़ महाराज पर पाँच नए धमाल मचाते चिट्ठे

यह तस्वीरें पिछले दो दिन से दिख रही हैं, और कई हमसफ़रों का सवाल था कि ये पाँच चुने कैसे गए, कितने समय तक रहेंगे, वगैरह। अतः यहाँ इसके बारे में खुलासा किया जा रहा है।
पाँच चिट्ठे वहाँ कैसे आए?


  • यह पाँच चिट्ठे ताज़े ताज़े धड़ाधड़ महाराज ने शामिल किए हैं।

  • इनका चिट्ठाजगत-संकलक पर दावा मंजूर हो चुका है।

  • इनमें पिछले २४ घंटों में कम से कम एक लेख लिखा गया है।

  • इन चिट्ठों के पन्नों की तस्वीर धड़ाधड़ महाराज के पास है।



मतलब यह है कि है कि जब भी कोई चिट्ठा अधिकृत होगा, और उस पर लेख लिखा जाएगा, और उसकी तस्वीर हमें मिल जाएगी, तो पुराने पाँच चिट्ठों के बदले धीरे धीरे नए चिट्ठे आते जाएँगे।

साथ ही, इसका मतलब यह भी है कि अब के बाद दावा किया गया लगभग हर चिट्ठा कम से कम एक बार तो धमाली चिट्ठा बनेगा ही, लेकिन वह वहाँ कितनी देर टिकता है, यह इस पर है कि उस चिट्ठे का दावा मंजूर होने के बाद और कितने चिट्टों के दावे मंजूर हो चुके हैं, और उनमें ताज़े लेख है या नहीं। यानी कि चिट्ठा वहाँ से दो मिनट में ही दूसरे चिट्ठे को स्थान दे सकता है, या फिर दो दिन बाद भी।

उम्मीद है कि यह नए लेखकों का हौसला बढ़ाने में और पाठकों को नए चिट्ठों के खबरची के तौर पर यह धमाल सहायक होगा।
इस सुविधा के बारे में आपकी टिप्पणियाँ और सुझाव आमंत्रित हैं।

5 राय - पढ़ें व लिखें:

जगदीश भाटिया ने कहा…

यानी आप भी मानते हैं कि नये चिट्ठाकारों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये :)

स्वागत योग्य प्रयास ।

संजय बेंगाणी ने कहा…

आशा है नए चिट्ठो को आपकी टिप्पणी भी मिलेगी :)

सही प्रयोग.

Shrish ने कहा…

जय हो धड़ाधड़ महाराज की! :)

अपने से बाहर... ने कहा…

नर्भस नौसिखियों को इस नवीन जगत में तंबू गाड़े रहने का प्रोत्साहन देने के लिए अत्यंत ही उदार और प्रभावकारी प्रयास...अनेक धन्यवाद

ज्योतिष सेवा सदन निवेदक "झा शास्त्री [मेरठ ] ने कहा…

"मीन राशि-के स्वभाव और प्रभाव ,मिलते हैं- आपके विचार ?

मित्रप्रवर ,राम -राम ,नमस्कार ||

आकाश में यद्यपि व्याप्त -द्वादश राशि ,२७ नक्षत्र ,नवग्रह के आलावा असंख्य ताराएँ हैं -फिर भी मूल बातों का आकलन हम नवग्रह और द्वादश राशि के आधार पर ही समझते हैं ||

अस्तु -ज्योतिष एक गणना है-और फलित उसका पूरक हैं | यदि हमारी गणना सही है तो फलित भी सही ही होगा ,इसलिए ज्योतिष को जानने के लिए गणना परम आवश्यक होती है | आज आधुनिक - तकनिकी के आगे-कुछ गणना कम होती जा रही है -आइये आपकी मीन राशि है -चाहे जन्माक्षर से हो या प्रचलित नामाक्षर से हो -मीन राशि के स्वभाव और प्रभाव यथावत ही होंगें ?

-यह राशि -द्विस्वभाव ,स्त्रीजाति ,कफ प्रकृति ,,जल तत्व ,रत्रिबली ,विप्रवर्ण,उत्तर दिशा की स्वामिनी होती है |इसका रंग पिंग [पीला ]है |इसका प्राकृतिक स्वभाव उत्तम ,दयालु और दयाशील है |यह सम्पूर्ण जल राशि है | इससे पैरों का विचार किया जाता है |

पूर्वाभाद्रपद का एक चरण ,उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र इसमें निहित है |रेवती नक्षत्र जब मीन राशि में संपृक्त अर्थात जुडती है तो उसका फल यह होता है --

संपूर्णानगः शुचीदक्षः साधु शूरो विचक्षणह |

रेवती संभवो लोके धन धान्य लंक्रितः ||

अभीष्ट भाव यह है - कि व्यक्ति सभी अंगों से पूर्ण ,पवित्र ,चतुर ,साधु ,वीर ,पंडित ,लेखक ,कलाकार और लोक में धन धान्यों से सुसंपादित और सुशोभित होता है |इस राशि का प्रतीक मछली है |यह करुणाऔर अनुकम्पा की प्रतीक भी है | सतोगुणी है |इस राशि का जातक सौम्य और धर्मावलम्बी होता है|इसे अत्यधिक खर्चीला और उच्च पद का आकांक्षी कहा गया है |इस राशि से चलचित्र सम्बन्धी व्यवसाय ,जलयात्रा ,रसायन तथा दवाई विज्ञानं आदि विषय के विचार और जातक को इन क्षत्रों में सफलता भी मिलती है |इस राशि के जातक मेधाशील और जिज्ञासु होते हैं ||

भवदीय निवेदक "झा शास्त्री "मेरठ |

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